BOLLYWOOD में बजता है बिहार के संजय मिश्रा का डंका, इन 10 डायलॉग्स ने बनाया फेमस 

PATNA: कॉमेडियन संजय मिश्रा का जन्म 6 अक्टूबर 1963 को बिहार के दरभंगा में हुआ था। टीवी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले संजय अपनी फिल्मों में ख़ास अंदाज में बोले गए डायलॉग्स के कारण घर-घर में फेमस हुए। पुराने दिनों से संजय को जानने वाले बताते हैं कि उनका अंदाज बिल्कुल नहीं बदला है, वे आज भी बनारसी और बिहारी ठाठ में नजर आते हैं। उनकी फिल्मों के किरदार में भी बिहारी टोन नजर आता है।

संजय का जन्म बिहार में हुआ, लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पूरी की। बीएचयू से ही बैचलर डिग्री लेने के बाद संजय ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ज्वाइन किया और 1989 में पढ़ाई पूरी की। संजय के पिता शंभुनाथ मिश्रा एक जर्नलिस्ट थे और मां हाउस वाइफ थीं। किसी को नहीं मालूम था कि वे इतनी शोहरत हासिल करेंगे।संजय मिश्रा ने किरण मिश्रा शादी की और इनके दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा पल मिश्रा और बेटी का नाम लम्हा मिश्रा है।

पढ़ाई पूरी करने के बाद संजय मुंबई चले गए और उन्होंने 1991 में टीवी सीरियल ‘चाणक्य’ से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि एनएसडी जैसे संस्था न से एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने के बावजूद कैमरे का सामना करना आसान नहीं था और पहले सीन के लिए 28 बार रिटेक देने पड़े। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1995 में फिल्म ‘ओह डार्लिंग! ये है इंडिया!’ से हुई। इस फिल्म में इन्होंने एक हारमोनियम प्लेयर की छोटी सी भूमिका निभाई थी।

टीवी सीरियल ऑफिस-ऑफिस में संजय मिश्रा का शुक्ला जी का किरदार बेहद ही पॉपुलर हुआ। फिल्म ‘आंखो देखी’ के लिए उन्हें फिल्म फेयर के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (क्रिटिक) के अवॉर्ड से नवाजा गया करियर- अमिताभ बच्‍चन के साथ मिरिंडा के विज्ञापन में आने से पहले संजय ने कई और विज्ञापनों और फिल्‍मों में छोटे रोल्‍स किए। उनकी पहली फिल्‍म थी ओह डार्लिंग ये है इंडिया जिसमें उन्‍होंने हारमोनियम बजाने वाले की एक छोटी सी भूमिका अदा की थी। इसके बाद उन्‍होंने सत्‍या और दिल से जैसी फिल्‍मों में काम किया। इसके बाद ऑफिस ऑफिस नाम के सीरियल में उनके द्वारा निभाए गए शुक्‍ला जी के किरदार से उन्‍हें काफी पहचान मिली।

प्रसिद्ध फिल्‍में- ओह डार्लिंग ये है इंडिया, सत्‍या, दिल से, फिर भी दिल है हिन्‍दुस्‍तानी, साथिया, जमीन, प्‍लान, ब्‍लफमास्‍टर, बंटी और बबली, गोलमाल, अपना सपना मनी मनी, गुरू, बॉम्‍बे टू गोवा, धमाल, वेलकम, वन टू थ्री, क्रेजी 4, गाड तुसी ग्रेट हो, गोलमाल रिटर्न्‍स, ऑल द बेस्‍ट: फन बिगिन्‍स, अतिथि तुम कब जाओगे, गोलमाल 3, फंस गए रे ओबामा, चला मुसद्दी ऑफिस ऑफिस, सन ऑफ सरदार, जॉली एलएलबी, बॉस, आंखो देखी, भूतनाथ रिटर्न्‍स, किक, दम लगा के हईशा।

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