बिहार के छोटे कर दाताओं को मिलेगी बड़ी राहत, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने किया बड़ा ऐलान

PATNA:  बिहार के छोटे करदाताओं को राहत देने के मद्देनज़र गुरुवार को, बिहार के उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा की, GST परिषद् द्वारा निर्णय लिया गया है की, जीएसटी कम्पोजीशन स्कीम की सीमा को 1 करोड़ रूपए से बढ़ा कर 1.5 करोड़ कर गया गया है। सुशील कुमार मोदी ने एक बयान देते हुए कहा की, राज्य में नियमित व कम्पोजीशन स्कीम के तहत 3 लाख़ 87 हज़ार कर डाटा निबंधित है। जिसमे 2.88 लाख़ नियमित और 99 हज़ार कम्पोजीशन स्कीम करदाता शामिल है।

अनिवार्य निबंधन की सीमा बढ़ाने से बिहार में 50, 395 कर दाता ऐसे होंगे, जिनके पास ऑप्शन होगा की वे जीएसटी में रहें या बाहर निकल जाएं। इसके लिए नियमित करदाताओं के लिए 20 से बढ़ाकर चालीस लाख रुपये वार्षिक टर्नओवर किया जा रहा है। इससे केवल 80 करोड़ रूपए का राजस्व प्रभावित होगा। यह 1 अप्रैल वित्त वर्ष 2019-20 से लागू होगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा की, GST लागू होने से पूर्व डेढ़ करोड़ तक टर्नओवर वाले उत्पादकों को उत्पाद कर पर छूट मिली हुई थी। लेकिन, जीएसटी के अंतर्गत वार्षिक 20 लाख रूपए से अधिक टर्नओवर वालों के लिए निबंधन अनिवार्य होने से सूक्ष्म और लधु उद्योगों की परेशानियां बढ़ गयी थी। इसके साथ ही जबकि उनसे नाम मात्र ही राजस्व प्राप्त होता है।

मोदी ने बताया की, “अनिवार्य निबंधन की सीमा बढ़ने के बाद, अब से डेढ़ करोड़ तक सालाना टर्नओवर वाले कम्पोजीशन डीलरों को अब त्रैमासिक की जगह सालाना व्यय विवरणी दाखिल करने सुविधा होगी। इसके अलावे, अब तक कम्पोजीशन स्कीम से बाहर रह रहे 50 लाख वार्षिक टर्नओवर वाले मात्रा 6 प्रतिशत टैक्स का भुगतान कर कम्पोजीशन स्कीम का लाभ ले सकेंगे।”