चुनाव में पैसे इकट्ठे करने के लिए बढ़ा ऑनलाइन चंदे का चलन, लिस्ट में कन्हैया कुमार टॉप पर

PATNA : चुनावी खर्चों को पूरा करने के लिए सभी पार्टियाँ चंदा लेती है लेकिन अब डिजिटल युग में चंदा का माध्यम भी ऑनलाइन हो गया है। आम शब्दों में इसे क्राउड फंडिंग (Croud Funding) कहते हैं। क्राउड फंडिंग का चलन पश्चिमी देशों में तो खूब है लेकिन भारत में इसे शुरू हुए ज्यादा दिन नहीं हुए।  लेकिन फिर भी 2019 के लोकसभा चुनाव में क्राउड फंडिंग ये चलन अब जोर पकड़ रहा है। ये प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है क्योंकि इसमें पैसा कहाँ से आया और कहाँ गया इसका पूरा डाटा उपलब्ध होता है। 

ऑनलाइन चंदे की बात करें तो बेगूसराय से सीपीआई के उम्मीदवार कन्हैया कुमार प्रमुख हैं। कन्हैया कुमार ने क्राउड फंडिंग के जरिये अब तक 5,500 लोगों से करीब 70 लाख रुपये इकठ्ठा कर लिया है। ये रकम ठीक उतनी ही है जितनी चुनाव आयोग ने प्रति प्रत्याशी खर्च करने की अनुमति दी है। बेहद साधारण परिवार से आने वाले कन्हैया ने जब ऑनलाइन चंदा माँगा तो उनके पास चंदा देने वालों की लाइन लग गई। सिर्फ कन्हैया कुमार ही नहीं। ऑनलाइन चंदा लेने वालों में दिल्ली में आम आदमी उम्मीदवार राघव चड्डा, नागपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार नाना पटोले और पश्चिम बंगाल के रायगंज से मोहम्मद सलीम का नाम प्रमुख है।

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पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी ने ऑनलाइन चंदे के जरिये 50 लाख रुपये इकट्ठे किये। सीपीएम के वरिष्ठ नेता मोहम्मद सलीम ने ऑनलाइन चंदे के जरिये एक लाख 40 हज़ार रुपये इकट्ठे किये। कन्हैया कुमार के चुनाव प्रमुख रेजा हैदर कहते हैं – ऑनलाइन चंदा इकठ्ठा करना एक सुविधाजनक तरीका है कम समय में ज्यादा से ज्यादा पैसे इकट्ठे करने का। आवरडेमोक्रेसी डॉट इन ऑनलाइन चंदा इकठ्ठा करने वाली एक प्रमुख वेबसाईट है। 2019 के लोकसभा चुनाव में इस वेबसाईट ने 40 उम्मीदवारों का काम संभाला है। अब तक 17,000 लोगों की ,मदद से 40 उम्मीदवारों के लिए 1.4 करोड़ रुपये चंदा इकठ्ठा कर चुकी है। वेबसाईट चंदे की 5 फीसदी रकम अपनी फीस के तौर पर काट कर बाकी रकम प्रत्याशियों को दे देती है।