राजनीति की गंदी जुबान: नीतीश ने कहा नीच, तो जीतनराम मांझी ने कहा-दिमाग से पैदल हो गए हैं सीएम

PATNA:  पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा पार्टी के मुखिया जीतन राम मांझी ने सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा हमला किया है। बिहार की सियासत में एक बार फिर Nitish vs Manjhi बयानबाजी का दौर चला है। जीतनराम मांझी ने नीतीश कुमार को दिमाग से पैदल कहा है। मांझी ने कहा है कि, “नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। नीतीश कुमार अनाप-शनाप बोलने लगे हैं, वो कभी उपेंद्र कुशवाहा को नीच तो मुकेश साहनी को सड़क छाप नेता कहने लगे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के मद में नीतीश कुमार बौरा गए हैं।”

जहानाबाद सांसद अरुण कुमार ने नीतीश को कहा मानसिक विक्षिप्त

जहानाबाद के सांसद अरुण कुमार ने भी नीतीश पर निशाना साधा है। अरूण कुमार ने कहा है कि सीएम कहीं मानसिक रुप से विक्षिप्त तो नहीं हो गए हैं। शब्दों के चयन में उन्हें संयम बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कैसे कोई संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अमर्यादित बयान दे सकता है और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल कर सकता है।

उधर,जीतनराम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार को अपमानजनक और गाली-गलौज वाले भाषा के इस्तेमाल के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार माफी नहीं मांगते हैं तो हम पार्टी की तरफ से पूरे राज्य में आंदोलन चलाया जाएगा।

मीसा भारती को बताया ‘शूर्पणखा’

बिहार की राजनीति में बदजुबानी लगातार हावी हो रही है। लालू ने कभी नीतीश को पलटूराम और दगाबाज कहा था। जबकि जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के लालू परिवार पर दिए बयान ने भूचाल ला दिया था। इशारों ही में उन्होंने तेज प्राताप यादव व तेजस्वी यादव को रामायण के पात्रों का हवाला देते हुए मीसा भारती को ‘शूर्पनखा’ बता दिया। उन्होंने ट्वीट किया, ”…आज न केवल छोटा भाई सत्ता पर काबिज है, बल्कि बड़े भाई को वन-वन घूमने को बाध्य किया गया। ‘शूर्पणखा’ को एक क्षेत्र के मालिक बनाने पर भी कोई राजी नही.!! धन्य है प्रभु..! हरि ओम !!” इसके बाद जिसकी उम्मीद थी, वही हुआ। तेज प्रताप यादव हत्थे से उखड़ गये और उन्होंने चाचा नीतीश कुमार को कड़ी नसीहत के साथ चेतावनी भी दे डाली थी।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार के सड़क छाप और नीच संबंधी बयानों से गुस्साए महागठबंधन के नेताओं ने गुरूवार को राजभवन मार्च निकाला था। इस मार्च में राजद, कांग्रेस, हम और वीआईपी पार्टी के नेता शामिल थे।