PVT स्कूलों की मनमानी पर CM नीतीश सख्त, आदेश का उल्लंघन किया तो एक लाख तक जुर्माना

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PATNA : निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार के प्रस्तावित ‘प्राइवेट स्कूल फीस कंट्रोल एक्ट’ के मुताबिक प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी में जिला शिक्षा पदाधिकारी, आयुक्त द्वारा नामित व्यक्ति के अलावा निजी विद्यालय के प्रतिनिधि भी सदस्य होंगे।

फीस वृद्धि को लेकर अभिभावक, छात्र अथवा विद्यालय डिवीजनल कमेटी को शिकायत कर सकते हैं। यह सक्षम कमेटी होगी। इसके पास सुनवाई करने, संबंधित निजी विद्यालय प्रबंधन को समन देकर बुलाने, कमेटी गठित कर स्थल जांच कराने तथा फैसला देने का अधिकार भी होगा। कमेटी के आदेश का उल्लंघन करने पर निजी विद्यालयों पर एक लाख तक का जुर्माना लग सकता है। हालांकि निजी स्कूल के रोजाना के काम में सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी। किसी शिकायत पर ही सुनवाई होगी। कोई भी पक्ष डिवीजन कमेटी के फैसले से असंतुष्ट होने पर राज्य स्तरीय ट्रिब्यूनल में जा सकेगा।

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छह माह से तैयार हो रहा है ड्राफ्ट : पटना हाईकोर्ट ने एक पीआईएल की सुनवाई में शिक्षा विभाग को फीस निर्धारण एक्ट बनाने का आदेश दिया था। डेढ़-दो साल से कवायद चल रही थी। अवर सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने गुजरात, पंजाब, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, यूपी आदि के प्रावधानों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को 2017 में ही सौंप दी थी। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय पिछले छह माह से ड्राफ्ट का मसौदा तैयार कर रहा था। यह कई स्तरों से गुजरते हुए, कई संशोधनों के बाद अंतिम रूप ले पाया है।