पटना के PMCH में जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल के कारण संकट में पड़ गई मरीजों की जान

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Patna: सोमवार को बिहार की राजधानी पटना के PMCH एवं NMCH में कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ। जहां एक तरफ पीएमसीएच में पूर्व निर्धारित लगभग 100 ऑपरेशन में आधे टालने पड़े। वहीं एनएमसीएच में हड़ताली डॉक्टरों ने इमरजेंसी काउंटर समेत सेंट्रल रजिस्ट्रेशन के सभी काउंटरों को बंद करा दिया।

दरसल सोमवार को दिनभर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के सदस्य पीएमसीएच में धरने पर बैठे रहे। जिसके कारण राज्य के कोने-कोने से आए मरीज काफी परेशान हुए। आपीडी ही नहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सीनियर डॉक्टरों ने कुछ मरीजों को देखा हालांकि कई को निराश लौटना पड़ा। कार्य बहिष्कार के कारण 50 ऑपरेशन टालने पड़े। सोमवार को पीएमसीएच में लगभग 100 ऑपरेशन होने थे। हड़ताल के मद्देनजर अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पीएमसीएच प्रशासन ने सिविल सर्जन से 50 डॉक्टरों की मांग की थी। इनमें 22 डॉक्टरों ने योगदान दिया। रोस्टर के आधार पर उनकी ड्यूटी लगा दी गई है। इसके बावजूद राज्य के कोने-कोने से आने वाले मरीज पीएमसीएच से बिना इलाज के ही लौटते रहे। कार्य बहिष्कार के बावजूद पीएमसीएच के ओपीडी में 2393 मरीज आए। वहीं इमरजेंसी में सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक कुल 124 मरीज पहुंचे।

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आपको बता दें कि राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के पीजी छात्र एम्स के छात्रों का पीजी में नामांकन का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर एम्स के छात्रों का नामांकन राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में होगा तो प्रदेश के छात्रों का नामांकन नहीं हो पाएगा। तो वहीं इस पर जेडीए अध्यक्ष डॉ. शंकर भारती ने कहा कि अब तक सरकार से कोई वार्ता नहीं हुई है। उनकी मांगे माने जाने तक जेडीए का धरना जारी रहेगा।