राजधानी पटना की सड़कें होंगी चकाचक, थूकने पर भरना पड़ेगा 200 रुपए जुर्माना, कठोर कार्रवाई होगी

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PATNA : मेट्रोपॉलिटन सिटी की तरह PATNA में अगर गंदगी फैलाई तो आपसे फाइन वसूला जाएगा। जुर्माना 100 से 200 रुपए तक हो सकता है। नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो इस योजना का लेआउट तैयार है। गाड़ियों से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों को रोककर फाइन किया जाएगा। हालांकि इसके पहले राजधानी के विभिन्न चौक-चौराहों पर लोगों को सफाई के लिए जागरूक किया जाएगा। लेकिन, लोग नहीं मानेंगे तो फाइन किया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि फाइन की राशि निगम बोर्ड और स्थायी समिति तय करती है। जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा। पहली बार 100 से 200 के बीच फाइन लिया जाएगा। बाद में कठोर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही राजधानी के ज्यादातर इलाकों को खुले में शौच से मुक्त करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। दिसंबर से इस पर भी रोक की संभावना है।

डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव को लेकर नगर आयुक्त सख्त : नगर निगम प्रशासन ने उन सफाई दरोगाओं को सौंपी जिन्हें मोबाइल चलाना आता है। पॉलिसी के दायरे में चाय की दुकान से लेकर बड़े अस्पताल, होटल और डेयरियां भी आ गईं हैं। प्रदेश में अगर सभी तरह के पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया तो सरकार को अध्यादेश लाना पड़ेगा। बिहार सरकार गत सितंबर के मध्य में प्लास्टिक से बने पॉलिथीन थैलों के निर्माण, बिक्री पर प्रतिबंध के लिए आदेश शुरू हो चुका था।

सभी गाड़ियां तय समय तक निश्चित रूप से चलाया जाए। इसकी निगरानी वार्ड निरीक्षक और सुपरवाइजर को करनी है। लिथीन कैरीबैग समेत सभी तरह के पॉलिथीन को प्रतिबंधित करने को लेकर गंभीरता से विचार हुआ है। इसका अनुपालन नहीं करने पर चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाए। निगम टीम के दरोगा चालान काटने का कार्य जारी रखेंगे। सड़क पर गंदगी फेंकने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जिसमें पहले कचरा फेंकने वालों की फोटो खिंची जाएगी फिर उनसे जुर्माना वसूला जाएगा।

there will be restrictions on the use of polythene bags

पॉलीथिन बंद करने को लेकर प्लास्टिक कचरे को बैन करने को लेकर निगम की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में घरों से कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है, वहां यूजर चार्ज लागू किया जाएगा। सभी को सब्जी मंडी, फल मंडी, मॉल, मछली बाजारों पर जाकर पॉलीथिन बंद करने को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।  ऐसा करने के लिए सरकार अध्यादेश ला सकती है।

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