बक्सर में बनेगा पॉवर हाउस, PM करेंगे शिलान्यास, चौसा बिजली घर को नीति आयोग की हरी झंडी

PATNA : बक्सर के चौसा में बन रहे बिजली घर की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। इस परियोजना के औचित्य पर सवाल उठा रहे नेशनल इंस्टीट्यूशंस फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (नीति) आयोग ने इस पर काम शुरू करने की हरी झंडी दे दी। पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड और वित्त मंत्रालय की अनुमति के बाद इसे जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट को भेजा जाएगा।

कोशिश है कि तीन मार्च को एनडीए की रैली में शामिल होने के लिए पटना आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इसका शिलान्यास कराया जाए। आयोग के सवाल उठाने पर बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह से बात की। लगातार बातचीत के बाद शुक्रवार को नीति आयोग ने इस परियोजना पर काम करने की हामी भर दी। वर्ष 2012 से चल रही इस परियोजना पर राज्य सरकार ने अपने स्तर पर काम शुरू किया है। अब तक 600 करोड़ से अधिक खर्च हो चुका है।

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चहारदिवारी पूरी होने पर मशीनों के स्थापना करने की प्रक्रिया चल रही है। लगभग 12 हजार करोड़ की इस परियोजना में रेल नेटवर्क के लिए राइटस और डीपीआर के लिए एनटीपीसी से मदद ली जा रही है। अभी से अगर चौसा में काम शुरू हुआ तो चार साल में यहां से बिजली उत्पादन होने लगेगी। बीते 18 अगस्त 2015 को आरा की जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से घोषित सवा लाख करोड़ के बिहार पैकेज में बक्सर का चौसा बिजली घर शामिल है। पहले नीति आयोग इस परियोजना के चालू रखने पर सहमत हुआ पर जब बैठक हुई तो आयोग ने कहा कि एजेंसी का चयन निविदा के आधार पर नहीं किया गया है।

आयोग ऐसी किसी परियोजना के पक्ष में नहीं है जो नॉमिनेशन के आधार पर दिया गया हो। निविदा कर निजी व सार्वजनिक एजेंसियों को शामिल किया जाए। इससे बिजली दर कम होगी। आयोग के शोध सहायक वीपी गर्ग की ओर से इस बबात ऊर्जा मंत्रालय को सूचना दी गई।