अभी-अभी: उपेन्द्र कुशवाहा की RLSP को सीट शेयरिंग का फॉर्मूला मंजूर नहीं, जल्द लेगी एक्शन

LIVE BIHAR DESK : अभी-अभी बड़ी खबर आ रही है। बिहार में एनडीए की सीट शेयरिंग के 20-20 का फॉर्मूला उसके सहयोगी आरएलएसपी को किसी कीमत पर मंजूर नहीं हैं।मोदी मंत्रीमंडल  में शामिल उपेन्द्र कुशवाहा की  पार्टी ने कहा है कि अगर आरएलएसपी की जानकारी के बगैर ये कदम उठाया है तो ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं हम इसे अस्वीकार करते हैं।हालांकि पार्टी ने सीट बंटवारे की खबरों को भ्रामक बताया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने ट्वीट कर कहा,”मैं राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के तरफ से यह बहुत जिम्मेदारी के साथ यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि अगर बीजेपी इस प्रकार के सीट बंटवारे के फार्मूला को अपनाना चाहती हैं तो हमारी पार्टी साफ़ हैं कि यह प्रस्ताव हमें यह बिल्कुल अस्वीकार हैं।” माधव आनंद से दूसरा ट्वीट कर कहा,” मैं एनडीए के सभी घटक दलों से मांग करना चाहूंगा कि जल्द से जल्द सभी पार्टियों की बैठक हो और सीट के बंटवारे को लेकर एक लोकतांत्रिक चर्चा की जाये। मुझे लगता हैं कि रालोसपा आने वाले चुनाव में एक महत्वपूर्ण भूमिका में रहेगी”


माधव आनंद ने कहा कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी बिहार की एक मुख्य पार्टी हैं और सभी दल हमारे महत्व को समझ रहे हैं और आज मैं यह फिर से मांग करना चाहता हूँ कि जल्द से जल्द सीटों का बंटवारा लोकतांत्रिक और पारदर्शी तरीके से हो और सारे अफवाहों को विराम दिया जाये।
गौरतलब है कि सीट शेयरिंग के 20-20 के फॉर्मूला के तहत बीजेपी 20 सीटों पर किस्मत आजमाएगी जबकि बाकी 20 सीटों पर सहयोगी पार्टियां लड़ेंगी। बताया जा रहा है कि एनडीए के घटक दलों में जेडीयू को 12 सीट, एलजेपी को 5 सीट और आरएलएसपी को 2 सीट देने की बात तय हुई है। वहीं, आरएलएसपी के बागी अरुण कुमार के लिए जहानाबाद सीट छोड़ी जा सकती है। हालांकि सीट शेयरिंग के इस फॉर्मूले पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 30 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और 22 में उसे सफलता हासिल हुई थी। एलजेपी को सात में छह और आरएलएसपी ने सभी तीन सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि बाद में आरएलएसपी सांसद अरुण कुमार बागी हो गए और कुशवाहा का साथ छोड़ दिया था। हालांकि नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ आ जाने से सीटों का खेल पूरी तरह बदल चुका हैं। ऐसे में कुशवाहा की पार्टी एरएलएसपी को ही ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। बीच में तो कुशवाहा के तेवरों से लगा कि वे एनडीए छोड़ महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं।

Bicky

मैं बिकेश्वर त्रिपाठी जन्म कोलकाता जीवन से मिले अनुभवों और ठोकरों से विकसित हुए नजरिए की कसौटी पर कसकर, वर्तमान मुद्दों पर आपसे अपनी बात लाइव बिहार के माध्यम से साझा करता रहूंगा |

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